आपको, आपके परिवार एवं मित्रों को दिव्य प्रज्ञा परम सिद्ध श्री श्री महावतार बाबाजी पराशक्ति चिकित्सा और आशीर्वाद प्रदान करतें हैं!
ह्रदय से निकली हुई हर प्रार्थनाए ईश्वर जरूर स्वीकार करता है।। प्रार्थना न केवल सामने की व्यक्ति को फायदा करती है, किंतु वह हमें भी भीतर-बाहर से निर्मल (स्वच्छ) करती है।।
इसीलिए प्रार्थना को हमारे जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए।।
न चाहते हुए भी निकले अभिशाप असर करता है, इसीलिए हमें हमारी भावनाओं को नियंत्रित करना आवश्यक है।।
यह समग्र संसार अच्छाई और बुराई के बीच बटा हुआ है।। हमे केवल और केवल अच्छाई पर ध्यान केन्द्रित करके आगे बढ़ना है।।
आओ हम इश्वर प्रार्थना को हमारी दिनचर्या का अटूट हिस्सा बनाए और सभी के प्रति शुभकामनाए रखें!
तथास्तु! स्वस्ति सिद्धं! आमीन! सो बी इट!
