आपको, आपके परिवार एवं मित्रों को दिव्य प्रज्ञा परम सिद्ध श्री श्री महावतार बाबाजी पराशक्ति चिकित्सा और आशीर्वाद प्रदान करतें हैं!
कहते हैं कि भगवान की लाठी में आवाज नहीं।।
जब मनुष्य का अच्छा समय होता है तो उसे अच्छे कर्म करने चाहिए किंतु कई लोग अहंकार से प्रेरित बुरे कर्म करते हैं। समय का चक्र तो चलता रहता है और जब बुरा वक्त शुरू होता है तब कोई बचाने नहीं आता।
जब बुरे वक्त का फल मिलता है तो मनुष्य ईश्वर को ही दोष देता है किंतु अपने बुरे कर्म उसे याद नहीं आते। इसीलिए हमारे ऋषियों ने कहा है कि जितने अच्छे कर्म करेंगे उतना ही अच्छा फल मिलेगा और बुरे वक्त में भी किसी न किसी का साथ, सहकार या आशीर्वाद प्राप्त होगा।
आओ ईश्वर से प्रार्थना करें कि हमें सदैव अच्छे कर्मों की प्रेरणा दे और सभी की भलाई के लिए हम सदैव प्रार्थना करें!
तथास्तु! स्वस्ति सिद्धं! आमीन! सो बी इट!
