*अपना प्रकाश स्वयं बनो और दूसरे को प्रकाशित करो*
SHINE LIKE A SUN AND ILLUMINATE THE WORLD WITH YOUR LIGHT OF KNOWLEDGE AND WISDOM!
*दिवाली की ढेर सारी शुभकामनाएं!*
*’अप्प दीपो भव’ — ‘अपना प्रकाश स्वयं बनो’* भगवान बुद्ध की यह शिक्षा है।।
जब हमारे गुरु हमसे बिछड़ जाते है, तब हमें हमारे भीतर के गुरु को जगाना पड़ता हैं। गुरु हमें आंतरिक स्फुरणा के रूप में सदैव मार्गदर्शन देते रहते हैं, चाहे वह स्थूल जगत में हो या सूक्ष्म जगत में। गुरु ही हमें आंतरिक ज्ञान प्रदान करके प्रकाश का मार्ग दिखाते हैं।।
जब हमारे भीतर प्रकाश फैल जाता है तब हमें बाहरी अंधकार भी डरा नहीं सकता।। ज्ञान का प्रकाश सबसे उत्तम है। ज्ञान एक सूरज की भांति है, जिसे कोई ग्रसित नहीं कर सकता।।
आओ हम सब मिलकर इश्वर से प्रार्थना करें कि इस दीपावली हमारे भीतर ज्ञान का प्रकाश प्रगट हो, और यह प्रकाश हम चारों और फैलाते रहे!
तथास्तु! स्वस्ति सिद्धम! आमीन! सो बी इट!
