आपको, आपके परिवार एवं मित्रों को दिव्य प्रज्ञा परम सिद्ध श्री श्री महावतार बाबाजी पराशक्ति चिकित्सा और आशीर्वाद
प्रदान करतें हैं!
*दे सको तो दवा देना, दर्द देने वाले बहुत है ।*
*दे सको तो आशीर्वाद देना, श्राप देने वाले बहुत है।*
*दे सको तो सुख देना, दुख देने वाले बहुत है ।*
*ले सबको तो गम लेना, खुशी छीनने वाले बहुत है।*
आज कल अक्सर देखा गया है की परिवार में एक दूसरे को परेशान करने की होड़ लगी है।
कभी हंसता खेलता परिवार, एक दूसरे की जान पर बन आए, कहा नहीं जा सकता।।
दूसरे को परेशान करने वाले यह भूल जाते हैं कि हम जो बोते है, वही पाते है।। सबको अपने कर्म का फल यहीं भुगतना पड़ेगा! कहते हैं भगवान के घर देर है, पर अंधेर नहीं, और उसकी लाठी में आवाज नहीं।। जो नकारात्मकता और नफरत फैलाते हैं, वह एक दिन उसी की भेंट चढ़ जाते हैं।।
उचित यही है की सब अपने आप से प्रमाणिक हो जाए और परिवार में एक दूसरे के प्रति स्नेह और सम्मान रखें!
आओ ईश्वर से प्रार्थना करें कि सबको सद्बुद्धि दे और हर परिवार में सुख शांति बनाए रखें!
तथास्तु! स्वस्ति सिद्धं! आमीन! सो बी इट!
